गडग तालुक के पापानाशी गांव के रहने वाले श्री बासनगौडा रायनगौडा प्रगतिशील किसान हैं। यद्यपि उनकी उम्र 77 वर्ष है। तथापि वे उत्साह से भरपूर, पूरी रूचि के साथ खेती करते हैं और एक...
नीली अर्थव्यवस्था का उपयोग
नीली अर्थव्यवस्था आर्थिक सशक्तिकरण व पर्यावरणीय स्थाईत्व को बढ़ावा दे सकती है। स्वयं सहायता समूहों, सामुदायिक सन्दर्भ व्यक्तियों एवं स्थानीय प्रशासनिक संस्थाओं के साथ मिलकर...
प्रबोधन कृषि उपकरण बैंक कृषि मशीनीकरण में एक अभिनव प्रयोग
यथोचित कृषि उपकरणों तक पहुंच से न केवल उत्पादकता में वृद्धि होती है, वरन् इससे श्रम की कमी जैसी समस्या का समाधान भी होता है। कृषि उपकरण बैंक पहल यह दर्शाती है कि कैसे कृषि उपकरण...
एकल फसली खेती से सब्ज़ियों की मिश्रित खेती एक प्रेरणादायक यात्रा
रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों पर निर्भरता से स्थाईत्व की ओर, जोखिम से मजबूती की ओर व गुजारे लायक खेती से अतिरिक्त उत्पादन की ओर पुष्पांजलि की यह यात्रा सब्ज़ी की खेती में आये बड़े...
हरेला त्योहार का उत्सव रिज़ीलियेन्स के रूप में रीति-रिवाज
उत्तराखण्ड राज्य में मनाया जाने वाला त्योहार ‘‘हरेला’’ एक जीवंत व महत्वपूर्ण त्योहार है। यह त्योहार प्रकृति के साथ इस क्षेत्र के गहरे जुड़ाव, कृषि-सम्बन्धी परम्पराओं व समृद्ध...
बायोमाॅस प्रबन्धन का पर्यावरणीय व सामाजिक-आर्थिक सम्बन्ध महिलाओं के नेतृत्व वाली उद्यमशीलता
उत्तराखण्ड के जंगलों में, चीड़ की पत्तियां, जंगल की आग बढ़ाने का एक प्रमुख कारण बनती थीं, और इनका प्रबन्धन एक बड़ी पर्यावरणीय चुनौती थी, लेकिन चीड़ की अतिरिक्त पत्तियों से कोयला...
बंजर भूमि से समृद्धि जलवायु परिवर्तन से अनुकूलन की ओर एक यात्रा
कृषि-वानिकी पर आधारित यह माॅडल, जिसमें दलहनी अंतर फसलों व उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों के साथ बेंत के वृक्षारोपण को एकीकृत किया जाता है, बंजर भूमि के सुधार हेतु एक व्यवहारिक व...
जल निकाय आधारित एकीकृत कृषि प्रणाली आदिवासी परिवारांे के लिए एक वरदान है
महाराष्ट् में जल निकाय ;स्थानीय नाम बोदीद्ध आधारित एकीकृत कृषि प्रणाली के क्रियान्वयन ने छोटी जोत वाले किसानोें की आय में वृद्धि की है। अपने विभिन्न एकीकृत घटकों के माध्यम से, इस...
मरूस्थलीय उत्पादों का प्रसंस्करण: राजस्थान की शहरी महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण की राह
राजस्थान के शुष्क क्षेत्रों में कैर, सांगरी, बेर, लसोड़ा व एलोवेरा जैसे कई पौधे स्वाभाविक रूप से उगते हैं। यदि इन उत्पादों का सरल प्रसंस्करण व मूल्यवर्धन कर उत्पाद तैयार किये जाये...








