by rukmini | Jun 5, 2024 | खाद्य सुरक्षा, मूल्य संवर्धन
यह सिद्ध होता जा रहा है कि स्थानीय कृषि पारिस्थितिकी के अनुकूल मोटे अनाजों पर आधारित फसल प्रणालियाँ चरम मौसमी स्थितियों के लिए उपयुक्त हैं। साथ ही आदिवासी समुदायों के बीच कुपोषण के मुद्दों के समाधान की दृष्टि से भी यह कृषि प्रणालियाँ अति महत्वपूर्ण हैं। मोटे...
by rukmini | Dec 4, 2022 | मूल्य संवर्धन
मूल्य संवर्धन को सरल अभ्यासों के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। सहयोग, समन्वय, अभिसरण, समुदायों की समावेशिता एवं एक मुख्य शोध संस्थान के माध्यम से मदद प्रदान करने के परिणामस्वरूप केरल के पथियूर पंचायत क्षेत्र में सफल सामाजिक नवाचार किया जा रहा है। विश्व के पूरे...
by rukmini | Sep 4, 2022 | मूल्य संवर्धन
महुआ के फूलों व फलों का मूल्य संवर्धन कर विवेकपूर्ण व व्यावसायिक उपयोग किसानों के लिए एक लाभप्रद उद्यम हो सकता है। बहुत से उत्पादों के अलावा, ग्रामीणों को पता चला कि महुआ के फूलों से सैनिटाइजर भी बनाया जा सकता है, जिससे वे महामारी के समय में आत्मनिर्भर बन सकते हैं।...
by rukmini | Jun 3, 2022 | मूल्य संवर्धन
कृषि की कार्य क्षमता से सम्बन्धित द्वितीयक कृषि, किसानों की प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता और आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देती है। मूल्य संवर्धन पर ध्यान देकर ‘‘सृजन’’ ने मध्य प्रदेश में सहरिया जनजातियों को उचित एडवायजरी सेवा, व्यवहारिक प्रशिक्षण और बाजार के साथ जुड़ाव...
by rukmini | Mar 4, 2022 | मूल्य संवर्धन
फलों का प्रसंस्करण अक्सर उच्च निवेश से जुड़ा होता है। यही कारण है कि छोटे किसान फलों के मूल्य संवर्धन की दिशा में अग्रसर नहीं होते हैं। अपनी सरल तकनीक और प्रारम्भिक सहयोग देकर आईसीएआर ने बिहार के लीची की खेती करने वाले किसानों को उनके बड़े सपने पूरे करने में सहयोग...
by rukmini | Mar 2, 2022 | मूल्य संवर्धन
छोटे और सीमान्त किसानों द्वारा अपनी खेती सम्बन्धी चुनौतियों से सफलतापूर्वक निपटने में सहयोग देने की फार्मर प्रोड्यूसर संगठनों के पास विशाल क्षमता है। मूल्य संवर्धन में इन संगठनों का क्षमता वर्धन करने से बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद मिलेंगे, उनकी मोल-भाव करने की क्षमता...