by rukmini | Sep 1, 2023 | Articles, कृषि
कृषि पारिस्थितिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रयोगात्मक सीख आधारित शिक्षा, किसान केन्द्रित सहभागी शोध और ज्ञान का आदान-प्रदान आवश्यक है। वर्ष 1982 में, कृषि में उच्च निवेश के नकारात्मक प्रभावों तथा कृषि, पारिस्थितिक एवं मानव पहलुओं के बीच जुड़ाव को पहचानते हुए...
by rukmini | Jun 2, 2023 | Articles, कृषि
खाद्य आवश्यकताओं, आजीविका, स्थानीय संस्कृति, पर्यावरण और अर्थशास्त्र के बीच सम्बन्ध जोड़ने के सन्दर्भ में कृषि पारिस्थितिकी दृष्टिकोण अत्यधिक स्थान विशिष्ट होते हैं। इसलिए कृषि पारिस्थितिकी पर शिक्षा इन कड़ियों को जोड़ने वाला एक समग्र दृष्टिकोण है, जहां किसान पूरी...
by rukmini | Mar 5, 2023 | Articles, कृषि
आज एक संकुचित दायरे से बाहर निकलकर विस्तारित और चक्रीय दृष्टिकोण सीखने की तरफ बदलाव करने की अत्यन्त आवश्यकता है। यह तभी संभव हो सकता है, जब विद्यार्थी सुगमीकरण के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया में शामिल होकर मुख्य दक्षताओं को सोचने और बनाने की प्रणाली की ओर बढ़ते हैं।...
by rukmini | Mar 4, 2023 | Articles, कृषि
मौसम की मार झेल रहे किसानों के लिए जैविक खेती एक बेहतर विकल्प हो सकती है। स्थानीय संसाधनों से तैयार और कम लागत वाले जैविक खादों के उपयोग से एक तरफ तो किसानों की बाजार पर निर्भरता कम होगी तो दूसरी तरफ खेती में लगने वाली लागत भी कम होगी और मौसमी चरम घटनाओं के चलते होने...
by rukmini | Dec 3, 2021 | Articles, कृषि
फसलांे में लगने वाली लागत में कीटनाशकों पर होने वाला व्यय एक प्रमुख मद है, क्योंकि फसलों पर कीटों एवं ब्याधियों का प्रकोप अधिक होता है। बदलती जलवायुविक परिस्थितियों में यह प्रकोप और अधिक होने लगा है और किसान अपनी फसल को बचाने के लिए, अधिक मुनाफा कमाने के लिए रसायनिक...
by rukmini | Jun 5, 2021 | Articles, कृषि
विषेषकर नदी किनारे रहने वाले छोटी जोत के किसानों के लिए खेती करना बहुत कठिन हो जाता है, क्योंकि नदी में बाढ़ आने के कारण उसके रास्ते में आने वाले खेतों में बालू हो जाता है। ऐसी स्थिति में बिहार के बगहा क्षेत्र के किसानों ने विभिन्न मौसमी घटनाओं की पूर्व सूचना प्राप्त...