by rukmini | Sep 4, 2024 | कृषि, कृषि पारिस्थितिकी और विकास
नीलगिरी जीवमण्डल सुरक्षित क्षेत्र में रहने वाले देशज समुदायों ने अपनी आजीविका को सुरक्षित करने की दृष्टि से अपने-आपको एक किसान उत्पादक कम्पनी के रूप में संगठित किया है। कम्पनी में दिनांेदिन किसानों की बढ़ती सदस्य संख्या और व्यापार का टर्नओवर इस मॉडल की सफलता को दर्शाता...
by rukmini | Jun 4, 2024 | कृषि, कृषि पारिस्थितिकी और विकास
जब एक तंत्र के तहत् महिला सशक्तिकरण किया जाता है, तो महिलाएं बदलावों की सक्रिय एजेन्ट बन सकती है, जो स्वयं और स्वयं के परिवारों की बेहतरी के लिए भाग्य को बदल सकती हैं। ओडिशा मोटे अनाज मिशन कृषि पारिस्थितिकी के एक मॉडल के रुप में एक सर्वोत्तम उदाहरण है, जो न केवल...
by rukmini | Jun 3, 2024 | कृषि, कृषि पारिस्थितिकी और विकास
इन स्थानीय अन्वेषकों से मिलिए, जो तीन वर्ष की अल्प अवधि में प्राकृतिक खेती में नवाचारों को अपनाकर स्थानीय स्तर पर मास्टर ट्रेनर बन गए। इन्होंने न केवल अपने खेतों में मोटे अनाजों की खेती आरम्भ की, वरन् नये व्यंजनों को बनाकर विभिन्न प्रकार के मोटे अनाजों के उपभोग को भी...
by rukmini | Jun 1, 2024 | कृषि पारिस्थितिकी और विकास
जुनून, समर्पण और रचनात्मकता से जीवन को बदल देने वाली रेहाना की कहानी खेतिहर परिवारों से जुड़ी अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हो सकती है। रेहाना ने कृषि पारिस्थितिकी के माध्यम से न केवल अपनीे खेत की उत्पादकता में परिवर्तन किया वरन् पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक...
by rukmini | Dec 3, 2023 | कृषि पारिस्थितिकी और विकास
तेजी से हो रहे शहरीकरण, औद्योगिकीकरण, भूमि सीलिंग, बहु-मंजिला इमारतों का निर्माण, चौड़ी सड़कों, कार्यालयों, बाजारों के परिणामस्वरूप बड़े शहरों और कस्बों में बागवानी के लिए जमीन की अनुपलब्धता हो गयी है। शहरों में लगातार बढ़ती जनसंख्या एवं बढ़ते वाहनों के कारण प्रदूषण का...
by rukmini | Dec 5, 2021 | कृषि पारिस्थितिकी और विकास
स्थानीय उत्पादों को बेचने के लिए, ‘‘पहियों पर खेत’’ नाम से की जा रही पहल ने एक विकेन्द्रित तरीके से विविध स्थानीय बाजारों तक पहुंच बनाने में किसान समूहों को सक्षम बनाया है। इस पहल को करने से मेघालय में एनईएसएफएएस के साथ सहयोग स्थापित करने वाले दूसरे सभी किसान समूहों...