by rukmini | Dec 3, 2024 | Articles, कृषि, जल प्रबंधन, संसाधन प्रबंधन
एक क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों को छोड़ते हुए सौर ऊर्जा शक्ति जैसे ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों के उपयोग की तरफ प्रवृत्त होने से न केवल आजीविका बढ़ती है, वरन् जीवाश्म इंधनों पर लगने वाली लागत में भी कमी आती है। सौर ऊर्जा का उपयोग करने से पर्यावरण को भी बहुत अधिक लाभ...
by rukmini | Dec 2, 2024 | Articles, कृषि, कृषि पारिस्थितिकी, फ़सल उत्पादन
परिवार की समग्र आय बढ़ाने और पोषण सुरक्षा जैसे मुद्दों से निपटने की दिशा में मोटे अनाज एक गेम चेंजर की भूमिका में सामने आ रहे हैं। संस्थाएं एक साथ मिलकर, इस परिवर्तन को लाने के विषय में एकमत हैं और एक साथ मिलकर काम कर रही हैं। एफपीओ में मूल्य श्रृँखला के सभी पहलुओं में...
by rukmini | Dec 1, 2024 | Articles, किसान उत्पादक संगठन, कृषि
मृदा उर्वरता में सुधार लाने के लिए फसल अवशेषों को बॉयोचर में बदलना फसल अपशिष्टों के सुरक्षित निस्तारण का एक पर्यावरण-सम्मत तरीका है। इस लेख में यह बताने का प्रयास किया गया है कि किस प्रकार एक फार्मर प्रोड्यूसर आर्गनाइजेशन ने सभी के लाभ के लिए इस प्रक्रिया को एक...
by rukmini | Sep 4, 2024 | Articles, कृषि, कृषि पारिस्थितिकी और विकास
नीलगिरी जीवमण्डल सुरक्षित क्षेत्र में रहने वाले देशज समुदायों ने अपनी आजीविका को सुरक्षित करने की दृष्टि से अपने-आपको एक किसान उत्पादक कम्पनी के रूप में संगठित किया है। कम्पनी में दिनांेदिन किसानों की बढ़ती सदस्य संख्या और व्यापार का टर्नओवर इस मॉडल की सफलता को दर्शाता...
by rukmini | Sep 3, 2024 | Articles, कृषि, जल प्रबंधन
जलवायु परिवर्तन के परिणामस्वरूप अनियमित और अप्रत्याशित वर्षा के साथ ही उपलब्ध जल संसाधनों पर दबाव भी बढ़ रहा है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए सहगल फाउंडेशन ने जल संरक्षण तकनीकों व स्थाई कृषि पद्धतियों को बढ़ावा दिया। परिणामतः कृषि उत्पादकता बढ़ी है और बढ़ती...
by rukmini | Sep 2, 2024 | Articles, कृषि
भारत के तीन भौगोलिक क्षेत्रों में पोषण-जागरूक समुदाय द्वारा किये गये सहयोगात्मक प्रयासों ने मोटे अनाजों के पुनरूद्धार, खेती, प्रसंस्करण और उपभोग को बढ़ावा देने में मदद किया है। मोटे अनाज वो छोटे अनाज हैं जो विश्व भर में वर्षा आधारित खेतों में उगते हैं। सामान्यतः...